आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा

Omkareshwar, MP

Excellent

170 Review

यात्रा राशि

रु.44,000/- (प्रति व्यक्ति) लोअर बर्थ

रु.42,000/- (प्रति व्यक्ति) अपर बर्थ

अवधि

16 दिवस

Group Size

Maximum 56

Languages

Hindi

यात्रा परिचय

असंख्य देवी देवता, ऋषि, मुनियों की दिव्य तपस्थली होने के कारण माँ नर्मदा एकमात्र ऐसी सरिता है, जिसकी संपूर्ण परिक्रमा की जाती है। मुख्य रूप से पैदल की जाने वाली इस दिव्य यात्रा में 3 वर्ष 3 महिने एवं 13 दिन का समय लगता है और इसे कलयुग की सबसे बड़ी तपस्या माना जाता है । समयाभाव अथवा शारीरिक अक्षमता के कारण अनेक नर्मदा भक्त यह दिव्य तीर्थ यात्रा, बस जैसे आधुनिक साधन से करते हैं । परंतु माँ नर्मदा के तट की यह दिव्य यात्रा मात्र सामान्य पर्यटन न होकर जीवन परिवर्तित करने वाले विलक्षण आनंद का अनुभव है।
परिक्रमा काल में माँ नर्मदा का शास्त्रोक्त विधि से पूजन हो, जिन तीर्थ स्थलों का हम दर्शन कर रहे हैं, उसके पौराणिक महत्व का विवरण हमें मिले । नर्मदा पुराण के माध्यम से माँ नर्मदा के कृपाशिर्वाद की अनुभूति प्राप्त हो, साथ ही जीवन शैली एवं शारीरिक परिस्थिती के अनुसार सुविधायुक्त प्रवास भी हो, इसी पावन उद्देश्य से 'कैवल्यधाम आश्रम' के संस्थापक पू. गुरुजी पं. श्री अविनाश जी महाराज की प्रेरणा से 'आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा का विगत 11 वर्षों से आयोजन किया जाता है। माँ नर्मदा के अद्भुत रहस्यों से परिचित होने के लिए एवं अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त करने के लिए आध्यात्मिक चित्त वाले जिज्ञासु भक्तों को इस अनुपम परिक्रमा यात्रा में सम्मिलित होने का सादर निमंत्रण है।

यात्रा विशेषता :
  • नर्मदा पुराणमर्मज्ञ पं. अनय "रेवाशीष" जी के मुखारविन्द से प्रतिदिन संगीतमय दिव्य नर्मदा पुराण कथा ।

  • प्रतिदिन षोडशोपचार नर्मदा पूजन ।

  • पांच तीर्थ स्थानों पर विशेष नर्मदा महाश्रृंगार पूजन ।

  • अमरकंटक में विशेष भव्य महाआरती ।

  • पू. गुरुजी पं. श्री अविनाश जी महाराज के मुखारविंद से गीता, ज्ञानेश्वरी सत्संग ।

  • कैवल्यधाम आश्रम में रमणीय नर्मदा तट पर पंचकुण्डात्मक महामृत्युंजय महायज्ञ एवं विशाल कन्याभोज में सम्मिलित होने का सुअवसर ।

  • परिक्रमा का मार्ग शास्त्रानुसार होने से, वाहन (अपवाद छोड़कर) विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वत श्रेणी से बाहर नहीं जाता। इसीलिये दर्शन सूची में उज्जैन, मांडव, द्वारका, सोमनाथ जैसे तीर्थ स्थलों का समावेश नहीं है। इसी कारण 'आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा' में अनेक पूजन अनुष्ठान होने के पश्चात भी माँ नर्मदा तट के सर्वाधिक तीर्थ स्थानों के दर्शन संभव हैं।

  • उत्तम सुसज्जित होटल में सुखदायक निवास ।

  • उत्तम संगीत कलाकारों के साथ गीत-संगीत भजनों का आनंद ।

इन्हीं विशेषताओं के कारण "आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा" मात्र पर्यटन न होकर एक अविस्मरणीय अनुष्ठान है।
  • 01
    DAY 1 :
    - आयोजकों की सेवा प्रातः 10 बजे प्रारंभ, दोप. 12.00 से 2.00 भोजन, दोप. 2.00 से 4.30 सामान का वर्गीकरण एवं पूजन साहित्य वितरण, दोप. 4.30 चायपान सेवा, सायं 5.00 से 8.00 परिक्रमा विषयक चर्चा एवं संगीतमय माँ नर्मदा प्राकट्य कथा ।
  • 02
    DAY 2 :
    - प्रातः 7.00 बजे संकल्प पूजन पश्चात यात्रा प्रारंभ । पेशवा बाजीराव समाधी दर्शन (रावेरखेड़ी), संत सियाराम बाबा दर्शन (ग्राम तेली भट्यान), बड़वानी विश्राम |
  • 03
    DAY 3 :
    - राजघाट एकमुखी दत्त दर्शन, प्रकाशा (दक्षिण काशी, पुष्पदंतेश्वर, काशी विश्वेश्वर, केदारेश्वर दर्शन) रात्री प्रवास |
  • 04
    DAY 4 :
    - शूलपाणेश्वर, स्वामीनारायण नीलकंठ धाम (पोयचा), गुमान देव, अंकलेश्वर विश्राम।
  • 05
    DAY 5 :
    - बलबला कुंड, नाव द्वारा समुद्र प्रवास, मीठी तलाई, भरूच विश्राम ।
  • 06
    DAY 6 :
    - नीलकंठेश्वर (भरूच), नारेश्वर, कुबेर भंडारी (कर्नाली), गरुडेश्वर, केवडिया (स्टेच्यू ऑफ यूनिटी) विश्राम ।
  • 07
    DAY 7 :
    - स्टेच्यू क्षेत्र दर्शन, मनावर विश्राम ।
  • 08
    DAY 8 :
    - महेश्वर (किला, घाट, राजराजेश्वर मंदिर), गुप्तेश्वर (मंडलेश्वर), बड़वाह विश्राम ।
  • 09
    DAY 9 :
    - कैवल्यधाम आश्रम परिसर में पंच कुंडात्मक महामृत्युंजय महायज्ञ एवं विशाल कन्या भोज, खातेगांव निवास | ।
  • 10
    DAY 10 :
    - नाभितीर्थ (नेमावर), विंध्यवासिनी देवी (सलकनपुर), बान्द्राभान घाट एवं रात्रि प्रवास ।
  • 11
    DAY 11 :
    - भेड़ाघाट, जोगी टिगरिया, अमरकंटक विश्राम ।
  • 12
    DAY 12 :
    - अमरकंटक दर्शन (कपिल धारा, दूधधारा, ज्वालेश्वर, अमरेश्वर, रेवाकुंड) हर्षोल्लास के साथ मैया की महाआरती ।
  • 13
    DAY 13 :
    - माई की बगिया, सोनमुढ़ा, श्रीयंत्र मंदिर, रेवाकुंड, एरंडी संगम, संगम घाट, महाराजपुर - रात्री प्रवास ।
  • 14
    DAY 14 :
    - सेठानी घाट, नर्मदापुरम (होशंगाबाद) विश्राम।
  • 15
    DAY 15 :
    - नाभितीर्थ ऋद्धेश्वर (हंडिया), ओंकारेश्वर विश्राम दिवसम ।
  • 16
    DAY 16 :
    - ओंकारेश्वर संकल्प विसर्जन, सत्यनारायण कथा, भोजन प्रसाद पश्चात दोप. 1.00 बजे आयोजकों की सेवा और परिक्रमा समापन |

नोट: राजघाट के दर्शन सरदार सरोवर के जलस्तर पर एवं बलबला कुंड के दर्शन नाव के समय पर निर्भर हैं।
उपरोक्त कार्यक्रम में तात्कालिक परिस्थिति के अनुसार आंशिक परिवर्तन का अधिकार आयोजकों के पास सुरक्षित है।

आरक्षण (बुकिंग) प्रक्रिया :
  • यात्रा राशि में भोजन, निवास, पूजन सामग्री, स्थानीय भ्रमण आदि समस्त शुल्क सम्मिलित हैं।

  • आरक्षण के समय रू. 15,000/- प्रति व्यक्ति जमा करके अपना स्थान सुनिश्चित करें ।

  • आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने से 60 दिन पहले प्रति व्यक्ति 15,000/- रूपये जमा करें। शेष राशि यात्रा प्रारंभ होते समय जमा करें ।

  • ओंकारेश्वर तक आवागमन का समस्त व्यय यात्री स्वयं वहन करेंगे ।

  • आरक्षण राशि जमा करने पर यात्री को सभी सुविधा और नियम ज्ञात एवं मान्य हैं, ऐसा माना जाएगा ।

  • कृपया किसी प्रकार की छूट अथवा डिस्काउंट की चर्चा न करें ।

निरस्तीकरण (केन्सलेशन) प्रक्रिया
  • आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने के 90 अथवा अधिक दिन पहले आरक्षण निरस्त करने पर प्रति व्यक्ति रू. 3000/- काटकर शेष राशी वापस लौटा दी जावेगी ।

  • आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने के 60 से 90 दिवस के मध्य यात्रा निरस्त करने पर रू. 8000/- काटकर शेष राशी वापस लौटाई जावेगी ।

  • आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने के 30 से 59 दिवस के मध्य यात्रा निरस्त करने पर कुल यात्रा राशी का 25% काटकर शेष राशी वापस लौटाई जावेगी ।

  • यात्रा प्रारंभ होने में 30 दिन शेष रहने पर कोई राशी नहीं लौटाई जा सकेगी।

  • बताई गई समय सीमा में यात्रा राशी जमा न करने पर आरक्षण स्वतः निरस्त माना जायेगा एवं नियमानुसार राशी काटकर शेष राशि लौटा दी जावेगी ।

  • यात्रा प्रारंभ होने के पश्चात किसी कारणवश बीच में यात्रा छोड़ने पर कोई राशी वापिस नहीं लौटाई जावेगी ।

  • किन्हीं अपरिहार्य कारणों से आरक्षण निरस्त करने पर अन्य यात्री को अपने स्थान पर भेज सकते हैं । आरक्षण निरस्त होने पर यात्रा राशी अन्य यात्राओं में समायोजित नहीं होगी ।

  • प्राकृतिक आपदा अथवा शासकीय प्रतिबंध (लॉक डाऊन, कर्फ्यू ) की स्थिति में यात्रा निरस्त होने पर जमा राशी वापस (रिफंड) न करते हुए भविष्य की यात्रा में समायोजित होगी।

  • यह केन्सलेशन प्रक्रिया ध्यान से पढ़ें, इसका अक्षरशः पालन किया जावेगा। बाद में किसी प्रकार का विवाद मान्य नहीं होगा ।
प्रवास व्यवस्था
  • सम्पूर्ण यात्रा अलग अलग दिनांकों में 2 + 2 ए.सी. एयर सस्पेंशन स्लीपर कोच बस द्वारा संपन्न होगी।

  • कन्वर्टेबल एसी होने के कारण आवश्यकता होने पर एसी चालू होगा, जिससे ए.सी. से परहेज करने वाले प्रवासी को भी कोई समस्या न होगी ।

  • आरक्षण से पहले आयोजकों से सीट क्रमांक के विषय में पूर्व चर्चा अवश्य करें। किसी भी परिस्थिति में सीट क्र. नहीं बदला जावेगा । रोटेशन नहीं होगा ।

  • यात्रा काल में 2 रात्रि प्रवास रहेंगे । अन्य सभी दिन होटल में रात्रि विश्राम होगा ।

  • प्रतिदिन 1 से 1.5 कि.मी. पैदल चलने की मानसिक एवं शारीरिक तैयारी के साथ यात्रा में पधारें ।

निवास व्यवस्था
  • यात्रा में ओंकारेश्वर छोड़कर सर्वत्र 2 यात्रिओं के लिये उत्तम होटल में अटैच सुविधा गृह के डबल बेड़ कमरों में निवास व्यवस्था रहेगी ।

  • ओंकारेश्वर में 4 यात्रियों के लिए 4 बेड़ कमरों में निवास व्यवस्था रहेगी ।

  • निवास व्यवस्था नॉन ए. सी. रहेगी, ए.सी. सुविधा का अतिरिक्त शुल्क देय होगा ।

  • यात्रा से पहले एवं बाद में ओंकारेश्वर में निवास का व्यय यात्रि स्वयं वहन करेंगे ।

  • परिक्रमा में नर्मदा स्नान अत्यंत महत्वपूर्ण है । परंतु विश्राम स्थल पर गर्म जल की व्यवस्था रहेगी ।

  • प्रथम तल (फर्स्ट फलोर) तक चढ़ने उतरने की मानसिकता के साथ यात्रा करें। एक दो स्थानों पर लिफ्ट सुविधा उपलब्ध नहीं हैं।

पूजन एवं कथा व्यवस्था
  • यात्रा में प्रतिदिन षोडशोपचार नर्मदा पूजन एवं संगीतमय नर्मदा पुराण कथा होगी। सभी यात्रियों को आवश्यक पूजन सामग्री आयोजकों द्वारा प्रदान की जावेगी ।

  • पांच स्थानों पर माँ नर्मदा का महाश्रृंगार पूजन होगा । सामूहिक पूजन सामग्री की व्यवस्था आयोजकों की ओर से रहेगी, यात्री भक्त यदि स्वेच्छा से अपने साथ अपने साथ श्रृंगार पूजन सामग्री लाना चाहें तो ला सकते हैं ।

  • प्रातः कालीन पूजन एवं कथा सत्र में पुरुषों को श्वेत लुंगी, धोती अथवा सोलिया तथा महिलाओं को भारतीय पोषाख धारण करना अनिवार्य है ।

  • परिक्रमा में संकल्प, नर्मदा पुराण, तट परिवर्तन पूजन आदि विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के लिए प्रत्येक यात्रि को यात्रा प्रारंभ होते समय एक बार 1101/- रू. दक्षिणा, यात्रा शुल्क के अतिरिक्त देय है।

  • सागर यात्रा एवं माई की बगिया (अमर कंटक) में तट परिवर्तन के समय श्वेत वस्त्र अपेक्षित है ।

भोजन एवं खानपान व्यवस्था
  • यात्रा में दोनों समय शुद्ध-सात्विक स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, जिसमें समयानुसार मिष्ठान्न का समावेश रहेगा ।

  • भोजन में प्याज, लहसून, गाजर, चुकंदर (बीट) का प्रयोग नहीं होगा ।

  • प्रातःकाल नाश्ता (3 स्थानों पर ड्राय स्नेक्स ) एवं दो समय चाय / कॉफी की व्यवस्था रहेगी ।

  • एकादशी एवं संकष्टी चतुर्थी के उपवासिक भोजन की व्यवस्था रहेगी । व्यक्तिगत एवं साप्ताहिक उपवास की व्यवस्था नहीं रहेगी । प्रातः नाश्ते की व्यवस्था नहीं रहेगी ।

  • समय पर भोजन प्रसादी की व्यवस्था के लिए अलग भोजन वाहन (पेन्ट्री कार) की व्यवस्था रहेगी ।

  • नर्मदा परिक्रमा में नर्मदा जल का सेवन आवश्यक है। एक मात्र कैवल्यधाम आश्रम द्वारा आयोजित 'आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा' में ही परिक्रमावासी प्रवासियों को सम्पूर्ण यात्रा काल में प्रतिदिन 2 लीटर आर.ओ. शुद्धीकृत पेक्ड नर्मदा पेयजल प्रदान किया जाता है ।

सामान एवं अन्य निर्देश
  • कम से कम सामान के साथ यात्रा करके अधिक से अधिक आनंद प्राप्त करें।

  • 3-4 दिन का सामान छोटे एयरबैग में रखें, जिसका वजन 10 कि.ग्रा. से अधिक न हो। यह यात्रा बैग विश्राम स्थल (होटल) के स्वागत कक्ष (रिसेप्शन) तक सेवकों के माध्यम से दिया जावेगा और वाहन में यात्री के स्लीपर के नीचे रखा जावेगा।

  • बड़ा सूटकेस अथवा बेग ( वजन 18 कि. ग्रा. तक) 3-4 दिन एक बार विश्राम कक्ष तक सेवकों के माध्यम से दिया जावेगा ।

  • एक छोटा एयरबैग एवं एक बड़े बैग का ही परिवहन सेवकों के माध्यम से किया जावेगा, इसके अतिरिक्त सामान लाने पर उसे यात्री स्वयं वहन करेंगे ।

  • मूल्यवान आभूषण, वस्तुएं स्वयं के उत्तरदायित्व पर साथ में लावें ।

यात्रा संबंधी अन्य निर्देश
  • यात्री अपने शारीरिक स्वास्थ्य एवं पथ्य परहेज का स्वयं ध्यान रखेंगे । नियमित औषधियाँ पर्याप्त मात्रा में साथ में रखें। प्राथमिक उपचार की सुविधा रहेगी, स्वास्थ्य अधिक खराब होने की स्थिति में परिजनों को सूचना देकर उचित निर्णय लिया जायेगा।

  • यात्रा प्रारंभ होते समय यात्री अपने साथ शासन प्रमाणित परिचय पत्र (आधार कार्ड आदि) साथ में रखें। एक पासपोर्ट आकार का फोटो आवेदन पत्र में संलग्न करें।

  • माँ नर्मदा में स्नान करते समय एवं अन्य स्थानों पर सुरक्षा निदेशों का पालन करना यात्री का उत्तरदायित्व है ।

  • माँ नर्मदा के घाटों पर स्वछता का ध्यान रखना एवं स्नान के समय साबुन का प्रयोग न करना यात्री का कर्तव्य है ।

  • तत्कालीन अपरिहार्य परिस्थिति के कारण कार्यक्रम में परिवर्तन का अधिकार आयोजकों के पास सुरक्षित है।

  • परिक्रमा प्रारंभ होने से 1 महीने पहले सभी प्रवासियों का व्हॉट्स एप ग्रुप बनाया जायेगा जिसमें और अधिक विस्तृत विवरण दिया जावेगा ।

  • सभी विवादों का न्यायक्षेत्र बड़वाह रहेगा ।

प्रारंभ समापन
04-11-2024 19-11-2024
23-11-2024 08-12-2024
11-12-2024 26-12-2024
01-01-2025 16-01-2025
20-01-2025 04-02-2025
10-02-2025 25-02-2025
01-03-2025 16-03-2025
21-03-2025 05-04-2025
प्रारंभ एवं समापन स्थान : ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, जि:- खंडवा (म.प्र.)
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