आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा सह समुद्र पंचक्रोशी

हिंदी में पूर्ण विवरण

कैवल्यधाम आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा सह समुद्र पंचक्रोशी यात्रा  

 

अवधी :- 18 दिवस 17 रात्रि 
 

प्रारंभ एवं समापन स्थान:- इंदौर (म. प्र.)

 

यात्रा खर्च:- रु 75000/- प्रती व्यक्ति 

 

यात्रा कार्यक्रम :-

 

दिनांक :- 15/02/2027 से 04/03/2027

 

2+2 ए.सी. एयर सस्पेंशन पुश बेक कोच बस एवं सर्व सुविधा युक्त होटल निवास व्यवस्था के साथ ही संगीतमय नर्मदा पुराण, महा श्रृंगार पूजन, भव्य महाआरती के साथ परिक्रमा का पवित्र परमानन्द पाने के लिए अवश्य सम्पर्क करें |

 

यात्रा विशेषता :-

 

 * नर्मदा पुराणमर्मज्ञ पं. अनय "रेवाशीष" जी के मुखारविन्द से प्रतिदिन संगीतमय दिव्य नर्मदा पुराण कथा।

 

 * प्रतिदिन षोडशोपचार नर्मदा पूजन।

 

 * पांच तीर्थ स्थानों पर विशेष नर्मदा महाश्रृंगार पूजन।

 

* अमरकंटक में विशेष भव्य महाआरती।

 

 * कैवल्यधाम आश्रम में रमणीय नर्मदा तट पर पंचकुण्डात्मक महामृत्युंजय महायज्ञ एवं विशाल कन्याभोज में सम्मिलित होने का सुअवसर।

 

 * उत्तम संगीत कलाकारों के साथ संगीत-भजनों का आनंद।

 

 * उपरोक्त सभी विशेषताएं 'कैवल्यधाम आश्रम' के सौजन्य से माँ नर्मदा की सेवा में समर्पित हैं, जिसका शुल्क यात्रा राशी में सम्मिलित नहीं है।

 

 * परिक्रमा का मार्ग शास्त्रानुसार होने से, वाहन (अपवाद छोड़कर) विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वत श्रेणी से बाहर नहीं जाता। इसीलिये दर्शन सूची में उज्जैन, मांडव, द्वारका, सोमनाथ जैसे तीर्थ स्थलों का समावेश नहीं है। इसी कारण 'आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा' में अनेक पूजन अनुष्ठान होने के पश्चात भी माँ नर्मदा तट के सर्वाधिक तीर्थ स्थानों के दर्शन संभव हैं।

 

 * नर्मदा परिक्रमा के साथ ही समुद्र पंचक्रोशी का विशेष पुण्यलाभ।

 

 * इन्हीं विशेषताओं के कारण "आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा" मात्र पर्यटन न होकर एक अविस्मरणीय अनुभव है।

 

परिक्रमा यात्रा के प्रमुख तीर्थ स्थल :-

 

ममलेश्वर,  पेशवा बाजीराव समाधी दर्शन (रावेरखेड़ी), बडवानी (राजघाट एकमुखी दत्त दर्शन), प्रकाशा (दक्षिण काशी, पुष्पदंतेश्वर, काशी विश्वेश्वर, केदारेश्वर दर्शन), शूलपाणेश्वर, स्वामीनारायण नीलकंठ धाम (पोयचा), गुमान देव हनुमान , बलबला कुंड। नीलकंठेश्वर (भरूच), नारेश्वर (प.पू. श्री रंगावधूत महाराज तपोभूमी), कुबेर भंडारी (कर्नाली), गरुडेश्वर (पू. टेंबेस्वामी समाधी, दत्त मंदिर), केवडिया (स्टेच्यू ऑफ यूनिटी एवं सरदार सरोवर बांध दूर दर्शन), महेश्वर दर्शन (अहिल्या देवी होलकर का किला, भव्य नर्मदा घाट, राजराजेश्वर मंदिर, एकमुखी दत्त मंदिर, तुळजा भवानी मंदिर, सहस्त्रधारा दूर दर्शन), मंडलेश्वर (गुप्तेश्वर, पू. गोंदवलेकर महाराज स्थपित राम मंदिर, नर्मदा घाट), कैवल्यधाम आश्रम परिसर में पंच कुंडात्मक महामृत्युंजय महायज्ञ एवं विशाल कन्या भोज, ओखलेश्वर सिद्ध हनुमान, नेमावर (नाभितीर्थ, सिद्धनाथ दर्शन), सलकनपुर (विंध्यवासिनी देवी दर्शन), गौरी घाट (जबलपुर), जोगी टिकरिया (नर्मदा घाट), अमरकंटक  दर्शन उत्तर तट (कपिल धारा, दूधधारा, दुर्वासा गुफा, ज्वालेश्वर, अमरेश्वर, नर्मदा उद्गम मंदिर दर्शन), रामघाट पर भव्य माँ नर्मदा महाआरती,अमरकंटक दर्शन दक्षिण तट (माई की बगिया, सोनमुढ़ा, श्रीयंत्र मंदिर, कोटी तीर्थ गौमुख, एरंडी संगम), ऋणमुक्तेश्वर कुकरा मठ, महाराजपुर (त्रिवेणी संगम घाट), सिद्धबाबा धूना, नर्मदापुरम (भव्य सेठानी घाट), नाभितीर्थ ऋद्धनाथ (हंडिया),ओंकारेश्वर ।

समुद्र पंचक्रोशी के अंतर्गत दर्शनीय तीर्थ :- भूतनाथ, मीठी तलाई, नीलकंठेश्वर, मखनेश्वर, शिंगनाथ, दुधेश्वर नाथ, सिकोत्तर माता, जागनाथ, कृष्णानंद आश्रम (उमियानाथ, नर्मदा मंदिर, दत्त मंदिर), आलबाई गेलबाई माता, हरिधाम आश्रम, परशुराम तीर्थ, भारभूतेश्वर (भगवान शिवशंकर का गुरुस्थान, दत्त मंदिर, पंचमुखी शिवलिंग, सोमेश्वर सप्त लिंग), अलिया बेट समुद्राकार माँ नर्मदा दर्शन ।

 

आरक्षण (बुकिंग) प्रक्रिया :-

 

 * यात्रा राशि में भोजन, निवास, पूजन सामग्री, स्थानीय भ्रमण आदि समस्त शुल्क सम्मिलित हैं।

 

* आरक्षण के समय रू. 20,000/- प्रति व्यक्ति जमा करके अपना स्थान सुनिश्चित करें।

 

 * आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने से 60 दिन पहले प्रति व्यक्ति 30,000/-रूपये जमा करें। शेष राशि यात्रा प्रारंभ होते समय जमा करें।

 

 * इन्दौर तक आवागमन का समस्त व्यय यात्री स्वयं वहन करेंगे। इन्दौर से ओंकारेश्वर आवागमन की व्यवस्था आयोजकों की रहेगी, परंतु खानपान आदि का व्यय यात्री स्वयं करेंगे।

 

 * आरक्षण राशि जमा करने पर यात्री को सभी सुविधा और नियम ज्ञात एवं मान्य हैं, ऐसा माना जाएगा।

 

 * कृपया किसी प्रकार की छूट अथवा डिस्काउंट की चर्चा न करें।

 

निरस्तीकरण (केन्सलेशन) प्रक्रिया :-

 

 * आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने के 90 अथवा अधिक दिन पहले आरक्षण निरस्त करने पर प्रति व्यक्ति रू. 5000/- काटकर शेष राशी वापस लौटा दी जावेगी।

 

 * आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने के 60 से 90 दिवस के मध्य यात्रा निरस्त करने पर प्रति व्यक्ति रू. 15,000/- काटकर शेष राशी वापस लौटाई जावेगी।

 

 * आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने के 30 से 59 दिवस के मध्य यात्रा निरस्त करने पर कुल यात्रा राशी का प्रति व्यक्ति रू. 20,000/- काटकर शेष राशी वापस लौटाई जावेगी।

 

 * यात्रा प्रारंभ होने में 30 दिन शेष रहने पर कोई राशी नहीं लौटाई जा सकेगी।

 

 * बताई गई समय सीमा में यात्रा राशी जमा न करने पर आरक्षण स्वतः निरस्त माना जायेगा एवं नियमानुसार राशी काटकर शेष राशि लौटा दी जावेगी।

 

 * यात्रा प्रारंभ होने के पश्चात किसी कारणवश बीच में यात्रा छोड़ने पर कोई राशी वापिस नहीं लौटाई जावेगी।

 

 * किन्हीं अपरिहार्य कारणों से आरक्षण निरस्त करने पर अन्य यात्री को अपने स्थान पर भेज सकते हैं।

 

 * आरक्षण निरस्त होने पर यात्रा राशी अन्य यात्राओं में समायोजित नहीं होगी।

 

 * प्राकृतिक आपदा अथवा शासकीय प्रतिबंध (लॉकडाऊन, कर्फ्यू) की स्थिति में यात्रा निरस्त होने पर जमा राशी वापस (रिफंड) न करते हुए भविष्य की यात्रा में समायोजित होगी।

 

 * यदि केंसलेशन प्रक्रिया ध्यान से पढे, तो यह अंशरतः पक्का किया जावेगा। बाद में किसी प्रकार का विवाद मान्य नहीं होगा।

 

प्रवास व्यवस्था :-

 

 * ओंकारेश्वर से ओंकारेश्वर तक की सम्पूर्ण यात्रा 2+2 पुश बेक लक्झरी एयर सस्पेंशन बस द्वारा संपन्न होगी।

 

 * इन्दौर ओंकारेश्वर इन्दौर (75 कि.मी.) आवागमन छोटे वाहन (यथा ट्रेवलर, आर्टिगा आदि) के माध्यम से होगा।

 

 * आरक्षण से पहले आयोजकों से सीट क्रमांक के विषय में पूर्व चर्चा अवश्य करें। किसी भी परिस्थिति में सीट क्र. नहीं बदला जावेगा। रोटेशन नहीं होगा।

 

 * प्रतिदिन 1 से 1.5 कि.मी. पैदल चलने की मानसिक एवं शारीरिक तैयारी के साथ यात्रा में पधारें ।

 

निवास व्यवस्था :-

 

 * यात्रा में सर्वत्र 2 यात्रिओं के लिये उत्तम होटल में अटैच सुविधागृह के डबल बेड़ कमरों में निवास व्यवस्था रहेगी। कुछ होटल तारांकित श्रेणी के है |

 

 * निवास व्यवस्था के कमरे ए.सी. सुविधा युक्त रहेंगे।

 

 * यात्रा से पहले एवं बाद में ओंकारेश्वर में निवास का व्यय यात्रि स्वयं वहन करेंगे।

 

 * परिक्रमा में नर्मदा स्नान अत्यंत महत्वपूर्ण है। परंतु विश्राम स्थल पर गर्म जल की व्यवस्था रहेगी।

 

 * प्रथम तल (फर्स्ट फ्लोर) तक चढ़ने उतरने की मानसिकता के साथ यात्रा करें। एक दो स्थानों पर लिफ्ट सुविधा उपलब्ध नहीं हैं।

 

पूजन एवं कथा व्यवस्था :-

 

 * यात्रा में प्रतिदिन षोडशोपचार नर्मदा पूजन एवं संगीतमय नर्मदा पुराण कथा होगी। सभी यात्रियों को आवश्यक पूजन सामग्री आयोजकों द्वारा प्रदान की जावेगी।

 

 * पांच स्थानों पर माँ नर्मदा का महाश्रृंगार पूजन होगा। सामूहिक पूजन सामग्री की व्यवस्था आयोजकों की ओर से रहेगी, यात्री भक्त यदि स्वेच्छा से अपने साथ अपने साथ श्रृंगार पूजन सामग्री लाना चाहें तो ला सकते हैं।

 

 * प्रातःकालीन पूजन एवं कथा सत्र में पुरुषों को श्वेत लुंगी, धोती अथवा सोलिया तथा महिलाओं को भारतीय पोषाख धारण करना अनिवार्य है।

 

 * परिक्रमा में संकल्प, नर्मदा पुराण, तट परिवर्तन पूजन आदि विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के लिए प्रत्येक यात्रि को यात्रा प्रारंभ होते समय एक बार प्रति व्यक्ति रू 2101/- रू. दक्षिणा, यात्रा शुल्क के अतिरिक्त देय है।

 

 * सागर यात्रा एवं माई की बगिया (अमर कंटक) में तट परिवर्तन के समय श्वेत वस्त्र अपेक्षित है।

 

भोजन एवं खानपान व्यवस्था :-

 

 * यात्रा में दोनों समय शुद्ध-सात्विक स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, जिसमें समयानुसार मिष्ठान्न का समावेश रहेगा।

 

* भोजन में प्याज, लहसून, गाजर, चुकंदर (बीट) का प्रयोग नहीं होगा।

 

 * प्रातःकाल नाश्ता एवं दो समय चाय / कॉफी की व्यवस्था रहेगी।

 

 * एकादशी एवं संकष्टी चतुर्थी के उपवासिक भोजन की व्यवस्था रहेगी। व्यक्तिगत एवं साप्ताहिक उपवास की व्यवस्था नहीं रहेगी। उपवास के दिन प्रातः नाश्ते की व्यवस्था नहीं रहेगी।

 

 * समय पर भोजन प्रसादी की व्यवस्था के लिए अलग भोजन वाहन (पेन्ट्री कार) की व्यवस्था रहेगी।

 

 * सम्पूर्ण यात्रा काल में प्रतिदिन 2 लीटर बोतलबंद आर.ओ. शुद्धीकृत पेयजल प्रदान किया जाएगा।

 

 * दोपहर चाय के साथ ड्राय स्नेक्स, बिस्किट आदि की व्यवस्था रहेगी।

 

यात्रा परिचय :-

 

असंख्य देवी देवता, ऋषि, मुनियों की दिव्य तपस्थली होने के कारण माँ नर्मदा एकमात्र ऐसी सरिता है, जिसकी संपूर्ण परिक्रमा की जाती है। मुख्य रूप से पैदल की जाने वाली इस दिव्य यात्रा में 3 वर्ष 3 महिने एवं 13 दिन का समय लगता है और इसे कलयुग की सबसे बड़ी तपस्या माना जाता है। समयाभाव अथवा शारीरिक अक्षमता के कारण अनेक नर्मदा भक्त यह दिव्य तीर्थ यात्रा, बस जैसे आधुनिक साधन से करते हैं। माँ नर्मदा के तट की यह दिव्य यात्रा मात्र सामान्य पर्यटन न होकर जीवन परिवर्तित करने वाले विलक्षण आनंद का अनुभव है। परिक्रमा काल में माँ नर्मदा का शास्त्रोक्त विधि से पूजन हो, जिन तीर्थ स्थलों का हम दर्शन कर रहे हैं, उसके पौराणिक महत्व का विवरण हमें मिले, नर्मदा पुराण के माध्यम से माँ नर्मदा के कृपाशिर्वाद की अनुभूति प्राप्त हो, साथ ही जीवन शैली एवं शारीरिक परिस्थिती के अनुसार सुविधायुक्त प्रवास भी हो, इसी पावन उद्देश्य से 'कैवल्यधाम आश्रम' के संस्थापक पू. गुरुजी पं. श्री अविनाश जी महाराज की प्रेरणा से 'आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा' का विगत 13 वर्षों से आयोजन किया जाता है। इस वर्ष से इस यात्रा में परिक्रमा के साथ समुद्र पंचक्रोशी का भी समावेश किया गया है, जिससे इसका आनंद और बढ़ जाता है।

माँ नर्मदा के अद्भुत रहस्यों से परिचित होने के लिए एवं अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त करने के लिए आध्यात्मिक चित्त वाले जिज्ञासु भक्तों को इस अनुपम परिक्रमा यात्रा में सम्मिलित होने का सादर निमंत्रण है।

 

समुद्र पंचक्रोशी :-

 

माँ नर्मदा के भव्य तट पर संपूर्ण नर्मदा परिक्रमा के साथ ही अनेक दिव्य परंपराएं स्थानीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक परंपरा को समेटे हुए हैं। परिक्रमा के साथ ही स्थानीय स्तर पर परिक्रमा के अनेक स्वरुप विद्यमान हैं। समुद्र पंचक्रोशी भी उन्हीं में से एक दिव्य परंपरा है, जिसे स्थानीय निवासी "नवनाथ परिक्रमा" कहते हैं।

एक दिवसीय यह यात्रा गुजरात के भरूच जिले में दाहेज नगर की परिधी में समुद्र तट के निकट स्थित 13 नवनाथों के तीर्थ दर्शन की सुंदर यात्रा है। इस वर्ष कैवल्यधाम आश्रम द्वारा पारंपरिक "आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा" के साथ ही "समुद्र पंचक्रोशी" का समावेश करके नवीन परंपरा का सूत्रपात किया है। माँ नर्मदा भक्तों से इस सुवर्ण संधी का लाभ प्राप्त करने का विनम्र अनुरोध है।

 

हम आपकी अविस्मरणीय परिक्रमा में सहायक रहेंगे

 

 

|| नर्मदे हर ||

मराठित पूर्ण विवरण

॥ त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवी नर्मदे ॥

 

कैवल्यधाम आयोजित

 

आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा सह समुद्र पंचकोशी यात्रा

 

14 वर्षांचा प्रदीर्घ अनुभव असणाऱ्या संचालकांसोबत पारंपरिक यात्रा नवीन स्वरूपात

 

दिनांक:- 13/02/2026 ते 02/03/2026

 

यात्रा राशी :- ₹75,000/- (प्रत्येकी)

 

कालावधी: 18 दिवस      प्रारंभ आणि समापन: इंदौर (म.प्र.)

 

2+2 ए.सी. पुषबॅक एअर सस्पेन्शन लक्झरी कोच आणि सर्वोत्तम सुविधायुक्त हॉटेल निवास व्यवस्थेसह संगीतमय नर्मदा पुराण कथन, महाशृंगार पूजन, भव्य श्री नर्मदा महाआरती सोबत परिक्रमेचा परमानंद लुटण्याची सुवर्णसंधी!

 

 


यात्रेची आध्यात्मिक वैशिष्ट्ये :-

 

▪️ दररोज पं. अनय ‘रेवाशीष’ यांच्या मुखारविंदातून संगीत वादकांसोबत सखोल श्री नर्मदा पुराण विवेचन.

 

▪️ दररोज षोडशोपचार नर्मदा पूजन.

 

▪️ पाच दिव्य तीर्थस्थळी नर्मदा मैय्याचे विशेष महाशृंगार पूजन.

 

▪️ अमरकंटक येथे नर्मदेची विशेष भव्य महाआरती.

 

▪️ कैवल्यधामच्या रमणीय परिसरात, नर्मदेच्या काठी पंचकुंडीय महामृत्युंजय महायज्ञ आणि विशाल कन्याभोजनमध्ये सहभागी होण्याची अमृतसंधी.

 

▪️ उत्तम संगीत वादकांसोबत संगीत-भजनांचा आनंद.

 

▪️ वरील सर्व वैशिष्ट्ये ‘कैवल्यधाम’ आश्रमाच्या सौजन्याने नर्मदा माईच्या सेवेत विनामूल्य समर्पित आहेत. यात्रा खर्चात वरील कुठल्याही सेवेची राशी समाविष्ट आहे.

 

▪️ नर्मदा परिक्रमेचा मार्ग शास्त्रोक्त असल्याने परिक्रमा वाहन (अपवाद वगळता) विंध्याचल आणि सातपुडा पर्वतरांगांच्या बाहेर जात नाही. म्हणून दर्शन यादीत उज्जैन, मांडव, इंदूर इत्यादी स्थळे समाविष्ट नाहीत. याच कारणास्तव ‘आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमेत’ अनेक पूजन-अनुष्ठान असून नर्मदा तटावरील सर्वाधिक तीर्थस्थळांचे दर्शन संभव होतात.

 

याच कारणाने “आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा” पर्यटन किंवा सहल नसून एक अविस्मरणीय अनुष्ठान आहे.

 

परिक्रमा यात्रेतील प्रमुख स्थळे:-

 

पेशवा बाजीराव समाधी दर्शन (रावेरखेडी), राजघाट एकमुखी दत्त दर्शन, प्रकाशा (दक्षिण काशी, पुष्पदंतेश्वर, काशी विश्वेश्वर, केदारेश्वर दर्शन) शूलपाणेश्वर, स्वामीनारायण नीलकंठ धाम (पोयचा), गुमान देव, बलबला कुंड.

समुद्र पंचक्रोशीच्या अंतर्गत दर्शनीय तीर्थ स्थळे :-  भूतनाथ, मीठी तलई, नीलकंठेश्वर, ममलेश्वर, शिंगनाथ, दूधेश्वर नाथ, सिकोतार माता, जगनाथ, कृष्णानंद आश्रम (उमियानाथ, नर्मदा मंदिर, दत्त मंदिर), आलवाई गेलवाई माता, हरिधाम आश्रम, परशुराम तीर्थ, भारभूतेश्वर (भगवान शिवशंकर का गुरूस्थान), दत्त मंदिर, पंचमुखी शिवलिंग, सोमेश्वर सह लिंग, अलिया बेट मुद्राकार माँ नर्मदा दर्शन.

नीलकंठेश्वर (भरुच), नरेश्वर (प.पू. श्री रंगावधूत तपोभूमी), कुबेर भंडारी (कर्नाली), गरुडेश्वर (पू. टेंबे स्वामी समाधी, दत्त मंदिर), केवडिया, स्टॅच्यू ऑफ युनिटी आणि सरदार सरोवर बांध दूर दर्शन. महेश्वर दर्शन (अहिल्या देवी होळकरांचा किल्ला, भव्य नर्मदा घाट, राजराजेश्वर मंदिर, एकमुखी दत्त मंदिर, तुळजा भवानी मंदिर, सहस्रधारा दूर दर्शन), मंडलेश्वर (गुजेश्वर, प. गोविंदलेकर महाराज स्थापित राम मंदिर, नर्मदा घाट), कैवल्यधाम आश्रम परिसरात पंच कुंडात्मक महामृत्युंजय महायज्ञ आणि विशाल कन्या भोज. ओंकारेश्वर सिद्धहनुमान, नेमावर (नाभितीर्थ, सिद्धनाथ दर्शन) विंध्यवासिनी सलकनपूर देवी दर्शन, गौरी घाट (जबलपूर), जोगी टिकरिया (नर्मदा घाट), अमरकंटक उत्तरतट तीर्थ क्षेत्र (कपिल धारा, दूधधारा, दुर्वासा गुंफा, ज्वालेश्वर, नर्मदा उद्गम मंदिर) दर्शन, रामघाट, भव्य माँ नर्मदा महाआरती.

अमरकंटक दर्शन (माई की बगिया, सोन नदी उद्गम सोनमुडा, श्रीयंत्र मंदिर, कोटी तीर्थ गोमुख, एरंडी संगम, ऋणमुक्तेश्वर कुकरा मठ, त्रिवेणी संगम घाट, सिद्धबाबा धुनी, सेठानी घाट नर्मदापुरम, नाभितीर्थ, श्रद्धनाथ (हंडिया), ओंकारेश्वर).

 

आरक्षण (बुकिंग) प्रक्रिया :-

 

यात्रा खर्चात जेवण, नाश्ता, प्रवास, निवास, स्थानिक भ्रमण इत्यादी सर्व खर्च समाविष्ट आहेत.

 

यात्रेत सहभागी होणाऱ्या इच्छुकांनी प्रत्येकी रु. 20,000/- जमा करून आपले स्थान सुनिश्चित करावे.

 

आपण निवड केलेली यात्रा सुरू होण्याच्या 60 दिवस अगोदर प्रत्येकी 30,000/- रुपये पुन्हा जमा करावे. उर्वरित रक्कम यात्रा सुरू होण्याच्या वेळेस जमा करावी.

 

इंदोर (म.प्र.) पर्यंत येण्याजाण्याचा सर्व खर्च भाविकांचा स्वतःचा राहील. 

 

इंदोर ते ओंकारेश्वर येण्याजाण्याची व्यवस्था आयोजकांची राहील, परंतु खानपान इत्यादीचा खर्च यात्रींना स्वतः करावा लागेल.

 

आरक्षण शुल्क जमा केल्यास यात्रेकरूंना यात्रेचे सर्व नियम व अटी मान्य आहेत असे गृहीत धरले जाईल.

 

कृपया कुठल्याही प्रकारे सूट, सवलत, डिस्काउंट इत्यादीची चर्चा करू नये.

 

निरस्तीकरण (कॅन्सलेशन) प्रक्रिया :-

 

आपण निवड केलेली यात्रा सुरु होण्याच्या 90 किंवा जास्त दिवस आधी यात्रा रद्द केल्यास प्रत्येकी रु. 5000/- कपात करून उर्वरित रक्कम परत केली जाईल.

 

आपण निवड केलेली यात्रा सुरु होण्याच्या 60 ते 90 दिवसात यात्रा रद्द केल्यास प्रत्येकी 15,000/- कपात करून उर्वरित रक्कम परत केली जाईल.

 

आपण निवड केलेली यात्रा सुरु होण्याच्या 30 ते 60 दिवसात यात्रा रद्द केल्यास प्रत्येकी 20,000/- कपात करून उर्वरित रक्कम परत केली जाईल.

 

आपण निवड केलेली यात्रा सुरु होण्यास 30 किंवा कमी दिवस उरल्यास कुठलीही रक्कम परत केली जाणार नाही.

 

दिलेल्या कालावधीत यात्रा रक्कम जमा न केल्यास आरक्षण रद्द झाल्याचे मानले जाईल आणि नियमानुसार रक्कम कापून उर्वरित रक्कम परत केली जाईल.

 

यात्रा प्रारंभ झाल्यानंतर कुठल्याही कारणाने यात्रा अर्धवट सोडल्यास कुठल्याही रकमेची परतफेड होणार नाही.

 

अपरिहार्य कारणास्तव यात्रा रद्द करावी लागल्यास आपल्या जागी अन्य यात्री पाठवू शकतात.

 

यात्रा रद्द केल्यास यात्रा रक्कम अन्य दुसऱ्या यात्रेत समायोजित होणार नाही.

 

नैसर्गिक आपत्ती किंवा अन्य शासकीय प्रतिबंध (लॉकडाऊन, कर्फ्यू, युद्ध, आपत्काल इ.) मुळे यात्रा रद्द झाल्यास जमा रक्कम परत न होता भविष्यात आयोजित होणाऱ्या यात्रेत समायोजित होईल.

सूचना:- ही यात्रा/आरक्षण रद्द करण्याची प्रक्रिया कृपया लक्ष देऊन वाचावी. या नियमांचे तंतोतंत पालन केले जाईल. याबाबत नंतर कुठलाही वाद मान्य होणार नाही.

 

भोजन व्यवस्था :-


यात्रेत दोन्ही वेळेस शुद्ध सात्विक शाकाहारी जेवणाची व्यवस्था राहील. वेळेनुसार मिठाईचा समावेश सुद्धा असेल.
 

जेवणात कांदा, लसूण, गाजर, बीट इ. चा वापर होणार नाही.
 

सकाळी नाश्ता व दोन्ही वेळेस चहा/कॉफीची सोय असणार आहे.
 

एकादशी आणि संकष्टी चतुर्थीच्या फराळाची व्यवस्था राहील. त्याव्यतिरिक्त असलेल्या वैयक्तिक, सामूहिक उपवासाची सोय होणार नाही. उपवासाच्या दिवशी नाश्त्याची व्यवस्था होणार नाही.
 

वेळेवर जेवणाची सोय होण्यासाठी वेगळ्या भोजन वाहनाची व्यवस्था आहे.
 

यात्रेत दररोज प्रत्येकी 2 लीटर बॉटल पॅक्ड पेजलाची व्यवस्था आहे.
 

दुपारी चहा सोबत ड्राय स्नॅक्स, बिस्किट इत्यादींची व्यवस्था असेल.

 

पूजन आणि कथा व्यवस्था :-

 

यात्रेत दररोज षोडशोपचार नर्मदा पूजन व संगीतमय नर्मदा पुराण कथन होणार आहे. त्याकरिता आवश्यक पूजन सामग्री आयोजकांतर्फे दिली जाईल.
 

पाच तीर्थस्थळी नर्मदा माईचे महाशृंगार पूजन होणार आहे. सामूहिक पूजन सामग्रीची व्यवस्था आयोजकांतर्फे राहील. यात्री भक्त स्वेच्छेने वैयक्तिक शृंगार पूजन सामग्री आणू शकतात.
 

प्रातःकालीन कथा, पूजनाच्या वेळी पुरुषांनी श्वेत किंवा एक रंगाची लुंगी, धोती अथवा सोवळं परिधान करणे आवश्यक आहे, तसेच स्त्रियांनी भारतीय पोषाख धारण करणे आवश्यक आहे.
 

परिक्रमेत संकल्प पूजन, नर्मदा पुराण, तट परिवर्तन पूजन, नावाडी दक्षिणा, संकल्पपूर्ती पूजन इत्यादी अनुष्ठानांकरिता प्रत्येकी 2101/- रु. दक्षिणा, यात्रा खर्चव्यतिरिक्त घ्यावे लागतील.
 

समुद्र प्रवास आणि माई की बगिया (अमर कंटक) येथे तट परिवर्तनाच्या वेळेस श्वेत वस्त्र धारण करणे अपेक्षित आहे.

 

प्रवास व्यवस्था :-

 

ओंकारेश्वर ते ओंकारेश्वरपर्यंतची संपूर्ण यात्रा 2+2 पुष बॅक लक्झरी एअर सस्पेन्शन बसने संपन्न होईल.
 

इंदौर – ओंकारेश्वर – इंदौर (75 कि.मी.) आवागमन लहान वाहन (यथा, ट्रॅव्हलर, आर्टिगा इत्यादी) च्या माध्यमाने होईल.
 

आसन क्रमांक विषयक चर्चा,  सीट बुक करण्याअगोदर अवश्य करावी. दिलेला आसन क्र. बदलला जाणार नाही. रोटेशन होणार नाही.
 

दररोज किमान 1 ते 1.5 कि.मी. पायी चालण्याची मानसिक व शारीरिक तयारी असावी.

 

निवास व्यवस्था :-

 

यात्रेत सर्व 2 यात्रेकरूंसाठी उत्तम हॉटेल मधे अटॅच बाथरूम डबल बेडरूमची व्यवस्था राहील.
 

निवास व्यवस्था ए.सी.युक्त असणार आहे.
 

यात्रा सुरू होण्याच्या अगोदर आणि संपन्न झाल्यानंतर ओंकारेश्वर येथे निवास केल्यास होणारा खर्च यात्रेकरूंना स्वतः करावा लागेल.
 

परिक्रमेत नर्मदा स्नान अत्यंत पुण्यदायक आहे. परंतु विश्राम स्थळी गरम पाण्याची व्यवस्था राहील.
 

पहिल्या मजल्यापर्यंत चढ-उतार करण्याची तयारी असावी. एक-दोन ठिकाणी लिफ्टची सोय नसणार आहे.

 

नर्मदा परिक्रमे विषयी थोडंसं :-


सर्व तीर्थेषु यत्पुण्यं, सर्व यज्ञेषु यत्फलम्। सर्व वेदेषु यज्ज्ञानं, तत्सर्वं नर्मदा तटे॥

अगणित देवी, देवता, ऋषी, मुनींची दिव्य तपोभूमी असल्याने ‘नर्मदा’ एकमेव सरिता आहे, जिची संपूर्ण प्रदक्षिणा करण्यात येते. मुख्यत्वे पा‘कैवल्यधाम’ आश्रमाचे संस्थापक पू. गुरुजी पं. श्री अविनाशजी महाराजांच्या प्रेरणेने मागील १४  वर्षांपासून ‘आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमेचे’ आयोजन होत आहे.यी केली जाणाऱ्या या यात्रेचा कालावधी शास्त्रानुसार ३ वर्षे ३ महिने व १३ दिवस इतका आहे. परिक्रमा कलियुगातील सर्वांत मोठी तपश्चर्या मानली जाते. वेळेअभावी किंवा शारीरिक अक्षमतेमुळे अनेक नर्मदा भक्त ही दिव्य तीर्थयात्रा बससारख्या आधुनिक साधनाने करतात. नर्मदा मातेच्या तटांची ही दिव्य यात्रा सामान्य पर्यटन किंवा सहल नसून जीवन परिवर्तित करणाऱ्या विलक्षण आनंदाचा अनुभव आहे.

परिक्रमा काळात नर्मदेचे शास्त्रोक्त विधीने पूजन आणि ज्या तीर्थस्थळांचे आपल्याला दर्शन घडत आहे त्यांचे महत्त्व सांगणारे विवेचन अत्यंत गरजेचे आहे.

श्री नर्मदा पुराणाच्या माध्यमातून नर्मदा मातेच्या दिव्य कृपेची अनुभूती घडावी, तसेच वर्तमान जीवनशैली आणि शारीरिक परिस्थिती यानुसार सुखकर प्रवास सुद्धा घडावा या पवित्र उद्देशाने ‘कैवल्यधाम’ आश्रमाचे संस्थापक पू. गुरुजी पं. श्री अविनाशजी महाराजांच्या प्रेरणेने मागील १३ वर्षांपासून ‘आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमेचे’ आयोजन होत आहे. माई नर्मदेच्या अद्भुत रहस्यांचा परिचय प्राप्त करण्याची अविस्मरणीय संधी वारंवार येत नाही. तरी आध्यात्मिक अंतःकरणाच्या जिज्ञासू भक्तांना या अनुपम परिक्रमेत सहभागी होण्याची विनम्र प्रार्थना आहे.

 

थोड समुद्र पंचक्रोशी वद्धल :-

 

नर्मदा मैय्याच्या भव्य काठी संपूर्ण नर्मदा परिक्रमेसोबत अनेक दिव्य परंपरा स्थानिय पातळीवर आपल्या सांस्कृतिक वारसा सांभाळून आहेत. परिक्रमे बरोबरच स्थानिय स्तरावर परिक्रमेचे अनेक प्रकार अस्तित्वात आहेत. "समुद्र पंचक्रोशी" सुद्धा त्यातलीच एक दिव्य परंपरा आहे, जिला स्थानिय निवासी "नवनाथ परिक्रमा" असे म्हणतात.

ही एक दिवसीय यात्रा गुजरातमधल्या भरूच जिल्ह्यातील दाहेज नगराच्या परिसरातील समुद्र तटाजवळ असलेल्या १३ नवनाथांच्या तीर्थ दर्शनाची सुंदर यात्रा आहे. या वर्षी कैवल्यधाम आश्रम द्वारे आयोजित होणाऱ्या पारंपरिक "आध्यात्मिक नर्मदा परिक्रमा" हिला जोडून "समुद्र पंचक्रोशी" चा समावेश करून नवीन परंपरेचा सूत्रपात केला गेला आहे. नर्मदा मैय्याच्या समस्त भाविकांना या सुवर्ण संधीचा लाभ करून घेण्याचा विनम्र अनुरोध आहे.

 

||नर्मदे हर ||

DETAILS IN ENGLISH

॥ त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवी नर्मदे ॥

 

KAIVALYADHAM AADHYATMIK NARMADA PARIKRAMA WITH SAMUDRA PANCHKROSHI

 

Duration: 18 Days 17 Night's


Origin & terminus Point: Indore (M.P.)

 

Yatra fare : ₹75,000/- per person

 

Batch schedule:-

 

From :- 15/02/2027 to 04/03/2027

 

Experience the bliss of the sacred Parikrama with, 2+2 A.C. Air Suspension PUSH BACK coach, Hotels equipped with all amenities. Melodious Narmada Puran Recitals Grand Shringar (Adorning) Poojan, Majestic Maha Aarti

 

Key attration of the yatra :-


Daily recitation of the divine Narmada Purana by Pandit Anya "Revashish" Ji.

 

Regular shodashopchar Pooja rituals dedicated to Narmada.

 

Divya Mahashringar pooja at five pilgrimage sites.

 

Grand Mahaarati of maa Narmada at Amarkantak.

 

Spiritual discourses by Pujya Guruji Pt. Shri Avinash Ji Maharaj, focusing on Gita and Jnaneshwari.

 

Participation in the grand Panchkundi Yajna (fire ritual) and a bhavya KANYABHOJAN  at the serene Narmada riverside of Kaivalyadham Ashram.

 

The parikrama route is planned along proper roads, and except for a few exceptions, vehicles will travel on trditinal route. Due to this the yatra does not include places like Ujjain, Mandu, Dwarka, Somnath, and other such locations as they are not part of Narmada parikrama.

 

Comfortable stays are arranged at well-facilitated hotels.

 

Enjoy devotional songs, music, and bhajans performed by accomplished artists.

 


Yatra Introduction ;-

 

The holy Narmada river, considered to be as sacred as a mother, is the only river around which a complete circumambulation (Parikrama) is performed. This divine journey, usually done by walking, is considered to be one of the greatest penances of the current age (Kalyug) and typically takes 3 years and 3 months to complete. Due to physical incapability or lack of time, many Narmada devotees undertake this divine journey as a symbolic modern-day practice. However, this spiritual journey is not merely a tourist activity but an experience of extraordinary joy that can transform one's life.

During the Parikrama, the devotees worship the sacred river Narmada in a ritualistic manner at various holy sites, gaining insights into the traditional significance of these sites. With the guidance of the Narmada Purana, devotees receive blessings from Maa Narmada, learn about lifestyle and physical disciplines, and partake in these sacred activities with the goal of experiencing spiritual enlightenment.

For the last 14 years, the "Spiritual Narmada Parikrama" has been organized by Kaivalyadham Ashram under the inspiration of Pt. Shri Avinash Ji Maharaj. Samudra Panchkroshi Yatra is also added to this Parikrama, due to which the joy of the Yatra increases many times.


 

About Samudra Panchkroshi :-

 

Along the grand banks of Mother Narmada, in addition to the complete Narmada Parikrama, numerous divine local traditions continue to preserve their unique cultural heritage. Alongside the main parikrama, several local forms of pilgrimage also exist, one of which is popularly known among the local residents as the "Navnath Parikrama."

This one-day journey is a beautiful spiritual tour of 13 sacred Navnath pilgrimage sites located near the seashore within the Dahej region of Bharuch district in Gujarat. This year, Kaivalyadham Ashram has initiated a new tradition by including the "Samudra Panchkroshi" along with the customary spiritual Narmada Parikrama. We humbly invite all devotees of Mother Narmada to take advantage of this golden opportunity and be a part of this divine journey.

 

Prime Locations of Parikrama Yatra :-
 

Bajirao Peshwa Samadhi Darshan (Raverkhedi), Rajghat Ekmukhi Datta Darshan (Dakshin Kashi, Pushpdanteshwar, Kashi Vishveshwar, Kedareshwar Darshan), Shoolpaneshwar, Swami Narayan Neelkanth Dham (Poicha), Guman Dev Hanuman temple, Balbala Kund. Neelkantheshwar (Bharuch), Nareshwar (P.P. Shri Rang Avadhoot Tapobhumi), Kuber Bhandari (Karnali), Garudeshwar (P.P. Tembe Swami Samadhi, Datta Temple), Kevadia, Statue of Unity and Sardar Sarovar Dam distant view. Maheshwar Darshan (Ahilya Devi Holkar Fort, Grand Narmada Ghat, Rajrajeshwar Mandir, Sahasradhara), Mandaleshwar (Gupteshwar, P.P. Gondwalekar Maharaj Established Ram Mandir, Narmada Ghat), Panchkundatmak Mahamrityunjay Mahayagya & Grand Kanya Bhoj at Kaivalyadham Ashram. Okhaleshwar Siddha Hanuman, Nemawar (Nabhitirth, Siddhnath Darshan), Vindhyavasini Salkanpur Devi Darshan, Gauri Ghat (Jabalpur), Jogi Tikriya (Narmada Ghat), Amarkantak Uttartat Teerth (Kapil Dhara, Dudh Dhara, Durwasa Gufa, Jwaleshwar, Narmada Udgam Temple Darshan), Ramghat, Grand Narmada Mata Maha Aarti. Amarkantak Darshan (Mai Ki Bagiya, Sonbhadra Udgam ie Sonmudha, Shriyantra Temple, Koti Tirth Gomukh, Erandi Sangam, Rinmukteshwar Kukra Math, Triveni Sangam @ maharajpur, Siddhababa Dhuni, Sethani Ghat @ Narmada Puram, Nabhitirth Riddhnath (Handia), Omkareshwar.

 

Pilgrimage of Samudra Panchkroshi :-
 

Bhootnath, Mithi Talai, Neelkantheshwar @ dahej, Makhaneshwar, Shingnath, Dudheshwar Nath, Sikottar Mata, Jagannath, Krishnanand Ashram (Umiyanath, Narmada Temple, Datta Temple), Albai Gelbai Mata, Haridham Ashram, Parshuram Teerth, Bharbhooteshwar (Gurusthan of Bhagwan Shivshankar), Datta Temple, Panchmukhi Shivling, Someshwar Saptlinga, Alia Bet smudrakar Ma Narmada Darshan.


Reservation (Booking) Process :-

 

The travel fare includes vehicle charges, food, accommodation, pujan samagri (worship materials), & all local conveyances.

 

Deposit ₹20,000/- per person at the time of booking to confirm your seat.

 

Deposit ₹30,000/- per person at least 60 days before the commencement date of the journey selected by you. The remaining amount must be paid at the time of journey commencement.

All travel expenses to and from Indore must be borne by the participants. 

 

From Indore to Omkareshwar, transport arrangement will be by the arrangers, etc., but food expenses will be borne by the participant.

 

Upon depositing the booking amount, it will be assumed that the participant traveler is aware of and agrees to all the facilities and rules.

 

Kindly do not force for any kind of concession or discount.

 


Cancellation Procedure :-

 

If you cancel your reservation within 90 or more days before the selected tour commencement date, ₹5,000 per person will be deducted and the remaining amount will be refunded.

 

If you cancel your reservation between 60 to 90 days before the selected tour commencement date, ₹15,000 will be deducted and the remaining amount will be refunded.

 

If you cancel your reservation between 30 to 59 days before the selected tour commencement date, ₹20,000 will be deducted from the total travel amount and the remaining amount will be refunded.

 

If there are only 30 days or less left before the travel beginning date, no amount will be refunded.

 

If the travel amount is not deposited within the specified time limit, the reservation will automatically be considered canceled, and the amount (after deduction as per rules) will be refunded.

 

If the traveler leaves the journey midway for any reason after it has begun, no amount will be refunded.

 

Due to unavoidable reasons, a traveler can transfer their reservation to another traveler.

 

Once the reservation is canceled, the travel amount cannot be adjusted in any other tour conducted by the organizers.

 

In case of cancellation due to natural disasters or government restrictions (like lockdown, curfew, war, etc.), no refund will be given; the amount will be adjusted in a future tour.

 

Please read this cancellation policy carefully. It will be strictly followed. No disputes will be entertained after booking.

 


Travel Arrangements :-

 

The entire journey from Omkareshwar to Omkareshwar will be completed in a 2+2 AC air suspension coach bus.

 

Indore–Omkareshwar–Indore (75 km) travelling will be completed by small vehicles (Traveller, Artiga etc.).

 

Seat (berth) numbers should be discussed in advance with the organizers before reservation. 

 

Seat (berth) numbers will not be changed under any circumstances. There will be no seat rotation.

 

Be mentally and physically prepared to walk 1 to 1.5 kilometers daily during the journey.

 

Accommodation Arrangement :-

 

During the journey, accommodation will be arranged in double-bed rooms with attached bathrooms in well-facilitated hotels, with 2 travelers sharing each room.

 

Accommodation will be provided in A.C. rooms.

 

The expenses of stay in Omkareshwar before and after the journey dates will be borne by the travelers themselves.

 

Bathing in the holy Maa Narmada River during the Parikrama (circumambulation) is very important. However, warm water will be arranged at the rest locations.

 

Be mentally prepared to climb up to the first floor, as lift facilities are not available at one or two locations.

 

Worship (Pujan) and Religious Discourse (Katha) Arrangement's :-

 

During the journey, daily rituals including Shodashopchar Maa Narmada Pujan and musical narration of the Narmada Purana will take place. Necessary worship materials (Pujan Samagri) will be provided by the organizers to all pilgrims.

 

Maha Shringar Pujan (Ritual of Adornment) of Maa Narmada will be held at 5 holy pilgrimage sites. The collective Pujan Samagri will be arranged by the organizers. Devotee travelers may also bring their own adornment offerings if they wish.

 

It is mandatory for men to wear self-carried white lungi or dhoti, and for women to wear traditional Indian attire during the morning worship and religious discourse (Katha) sessions.

 

Sankalp Pujan (Sacred Resolve), daily Narmada Purana discourse, Tat Parivartan Pujan (riverbank transformation), and other religious activities will be conducted during the journey. Each pilgrim is required to pay a Dakshina of ₹2,101/- in addition to the travel fare on the commencement date.

 

During the two Tat Parivartan locations (Sea Journey and Mai Ki Bagiya, Amarkantak), wearing white clothes is mandatory.

 

Food and Dining Arrangements:-


During the journey, pure and sattvic (wholesome and vegetarian) delicious meals will be served twice a day, which will include sweet dish timely.

 

Onion, garlic, carrot, and beetroot will not be used in the meals.

 

Morning breakfast and tea/coffee (twice a day) will be provided.

 

Special fasting meals will be arranged on Ekadashi and Sankashti Chaturthi. Personal or weekly fasting meals will not be provided. 

 

On fasting days, morning breakfast will not be served.

 

A separate pantry car is arranged for receiving food on time.

 

2 liters of bottled purified drinking water per day will be provided throughout the journey.

 

With evening tea, dry snacks, biscuits, etc. will be provided.

 

Devotees who wish to gain an unforgettable spiritual experience and uncover the hidden secrets of Maa Narmada are warmly invited to join this unique Parikrama.

 

..MAAT SHRI NARMADE HAR…..