Excellent
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रु.21,000/- (प्रति व्यक्ति)
09 दिवस
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Hindi
24/08/2024 - 01/09/2024
माँ नर्मदा शिवपुत्री है, माँ नर्मदा के तट पर श्रावण मास में शिवभक्ति का हर्षोल्लास देखते ही बनता है । श्रावण मास में नर्मदा के तट के दिव्य पुराणोक्त शिव तीर्थ दर्शन का अत्यन्त विशेष महत्व है। इसी कारण कैवल्यधाम आश्रम द्वारा नाभि तीर्थ (नेमावर) से शूलपाणी प्रवेश द्वार (बड़वानी, राजघाट) तक प्रथम बार अद्वितीय तीर्थ दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया है, जिसमें आपकी उपस्थिति प्रार्थनीय है ।
नर्मदा पुराणमर्मज्ञ पं. अनय "रेवाशीष" जी के मुखारविन्द से प्रतिदिन दर्शनीय तीर्थस्थलों के महत्व का पुराणोक्त वर्णन ।
वर्षाकाल होने के कारण मैया के विशाल स्वरुप (बाढ़ की स्थिति) के दर्शन की संभावना ।
वाहन परिक्रमा में दर्शन नहीं होने वाले दिव्य तीर्थों के दर्शन का आनंद ।
दिव्य अधिक श्रावण मास में माँ नर्मदा के तट के लगभग 21 दिव्य पुराणोक्त शिवलिंगों के दर्शन-पूजन का सुयोग ।
यात्रा राशि में भोजन, निवास, पूजन सामग्री, स्थानीय भ्रमण आदि समस्त शुल्क सम्मिलित हैं।
आरक्षण के समय रू. 9,000/- प्रति व्यक्ति जमा करके अपना स्थान सुनिश्चित करें।
शेष राशि यात्रा प्रारंभ होते समय जमा करें।
आपके द्वारा चयनित यात्रा प्रारंभ होने से 60 अथवा अधिक दिन पहले आरक्षण निरस्त करने पर रु. 2,000/-, 30 से 59 दिन के मध्य कुल यात्रा राशि का 25%, 15 से 29 दिन के मध्य कुल यात्रा राशि का 50% काटकर राशि वापस की जावेगी ।
यात्रा प्रारंभ होने में 15 दिन शेष रहने पर कोई राशि लौटाई नहीं जावेगी ।
बताई गई समय सीमा में यात्रा राशि जमा न करने पर आरक्षण स्वतः निरस्त माना जावेगा एवं नियमानुसार राशि काटकर शेष राशि लौटा दी जाएगी ।
आरक्षण राशि जमा करने पर यात्री को सभी सुविधाएं और नियम ज्ञात एवं मान्य हैं, ऐसा माना जाएगा ।
यात्रा प्रारंभ होने के पश्चात किसी कारणवश बीच में यात्रा छोड़ने पर कोई राशि वापिस नहीं लौटाई जाएगी ।
ओंकारेश्वर तक के आवागमन का व्यय यात्री स्वयं वहन करेंगे ।
किन्हीं अपरिहार्य कारणों से आरक्षण निरस्त करने पर अपने स्थान पर अन्य यात्री को भेज सकते हैं।
आरक्षण निरस्त होने पर यात्रा राशि अन्य यात्राओं में समायोजित नहीं होगी ।
कृपया किसी प्रकार की छूट अथवा डिस्काउंट की चर्चा न करें ।
प्राकृतिक आपदा अथवा शासकीय प्रतिबन्ध (लॉकडाउन, कर्फ्यू ) की स्थिति में यात्रा निरस्त होने पर जमा राशि वापस (रिफण्ड) न करते हुए भविष्य की यात्रा में समायोजित होगी ।
यात्रा में दोनों समय शुद्ध- सात्विक स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, जिसमें समयानुसार मिष्ठान्न का समावेश रहेगा ।
भोजन में प्याज, लहसून, गाजर, चुकंदर (बीट) का प्रयोग नहीं होगा ।
प्रातःकाल नाश्ता एवं दो समय चाय / कॉफी की व्यवस्था रहेगी ।
एकादशी एवं संकष्टी चतुर्थी के उपवासिक भोजन की व्यवस्था रहेगी । व्यक्तिगत एवं साप्ताहिक उपवास की व्यवस्था नहीं रहेगी ।
समय पर भोजन प्रसादी की व्यवस्था के लिए अलग भोजन वाहन की व्यवस्था रहेगी ।
प्रत्येक यात्री को प्रतिदिन 2 लीटर पेकेज्ड पेयजल प्रदान किया जाएगा ।
यात्रा में ओंकारेश्वर छोड़कर सर्वत्र 2 यात्रिओं के लिये उत्तम होटल में अटैच सुविधा गृह के डबल बेड़ कमरों में निवास व्यवस्था रहेगी ।
ओंकारेश्वर में 4 यात्रियों के लिए 4 बेड़ कमरों में निवास व्यवस्था रहेगी ।
निवास व्यवस्था नॉन ए. सी. रहेगी, ए.सी. सुविधा का अतिरिक्त शुल्क देय होगा ।
यात्रा के अतिरिक्त ओंकारेश्वर में निवास का व्यय यात्रि स्वयं वहन करेंगे ।
सुविधायुक्त स्थानों पर निवास व्यवस्था होने के कारण यात्रियों को कंबल, ब्लेंकेट, चादर आदि अपने साथ लाने की आवश्यकता नहीं हैं।
प्रथम तल (फर्स्ट फलोर) तक चढ़ने उतरने की मानसिकता के साथ यात्रा करें। एक दो स्थानों पर लिफ्ट सुविधा उपलब्ध नहीं हैं।
सम्पूर्ण यात्रा एसी सीटिंग मिनी बस द्वारा संपन्न होगी, जिससे छोटी सड़कों और दुर्गम स्थानों पर आवागमन में सुविधा रहेगी।
प्रतिदिन 1 से 1.5 कि.मी. पैदल चलने की मानसिक एवं शारीरिक तैयारी के साथ यात्रा में पधारें ।
यात्रा प्रारंभ होने के पश्चात किसी कारणवश बीच में यात्रा छोड़ने पर कोई राशि वापिस नहीं लौटाई जाएगी ।
बैठक व्यवस्था पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर रहेगी।
यात्री अपने शारीरिक स्वास्थ्य एवं परहेज का स्वयं ध्यान रखेंगे । नियमित औषधियां पर्याप्त मात्रा में साथ में रखें। प्राथमिक उपचार की सुविधा रहेगी, स्वास्थ्य अधिक खराब होने की परिस्थिति में परिजनों को सूचना देकर उचित निर्णय लिया जावेगा ।
कम से कम सामान के साथ यात्रा करके अधिक से अधिक आनंद प्राप्त करें। 3-4 दिन का सामान छोटे एयरबैग में रखें, जो आप प्रतिदिन वहन करेंगे। बड़ा सूटकेस अथवा बेग जो वाहन की डिक्की में रखा जावेगा, वह आपको 3-4 दिन में एक बार सेवकों के माध्यम से विश्राम स्थल पर दिया जावेगा ।
मूल्यवान आभूषण, वस्तुएं स्वयं की जिम्मेदारी पर साथ में लावें ।
यात्री अपने साथ शासन प्रमाणित परिचय पत्र (आधार कार्ड आदि) एवं एक पासपोर्ट आकार का फोटो आवेदन पत्र में संलग्न करें।
माँ नर्मदा में स्नान करते समय एवं अन्य स्थानों पर सुरक्षा निदेशों का पालन करना यात्री का उत्तरदायित्व है ।
माँ नर्मदा के घाटों पर स्वछता का ध्यान रखना एवं स्नान के समय साबुन का प्रयोग न करना यात्री का कर्तव्य है ।
तत्कालीन अपरिहार्य परिस्थिति के कारण कार्यक्रम में परिवर्तन का अधिकार आयोजकों के पास सुरक्षित है । सभी विवादों का न्यायक्षेत्र बड़वाह रहेगा ।
वर्षाकाल होने के कारण यात्री अपने साथ स्वयं छाता अथवा रेनकोट लावें। अपना सामान जलरोधी (वाटरप्रुफ) बैग में लावें ।
रावेरखेड़ी (बाजीराव पेशवा समाधि), बकावाँ (नर्मदेश्वर शिवलिंग निर्माण स्थल), तेली भट्यान (संत सियाराम बाबा दर्शन), धरमपुरी (बिल्वमृतेश्वर द्वीप, दधिची तपस्थली), मांडवगढ़ दर्शन ( नीलकंठेश्वर, चतुर्भुज श्रीराम मंदिर, रेवाकुंड, रूपमती विथीका, जहाज महल आदि), महेश्वर (घाट, अहिल्यामाता राजवाड़ा, सहस्त्रार्जुन मंदिर, सहस्त्रधारा आदि), कठोरा ( माण्डव्य गुफा), मंडलेश्वर (गुप्तेश्वर, पू. गोंदवलेकर महाराज श्रीराम मंदिर), नेमावर (सिद्धनाथ, नाभिकुंड), हंडिया (ऋद्धनाथ), मनावर (देवरा सिद्ध शिवालय), बड़वाह (जयंति माता, च्यवन ऋषि तपस्थली महोदरी, नागेश्वर), बड़वानी (राजघाट, रोहिणी तीर्थ, पू. टेम्बेस्वामी स्थापित एक मुखी दत्तात्रय मंदिर ), लोहारा (कपिल मुनि तपस्थली घाट), नावड़ा टोड़ी (शालिवाहन मंदिर), खैगांव ( धारेश्वर तीर्थ), ओखलेश्वर (सिद्धस्वयंभू हनुमान), पीपरी (सीतावन, सीताकुंड), बीड़ (संत सिंगाजी समाधि), बोधवाड़ा (देवपथ तीर्थ लिंग), निसरपुर ( कोटेश्वर ), कटघड़ा ( कैवल्यधाम आश्रम), ओंकारेश्वर (ममलेश्वर, नाव द्वारा मांधाता पर्वत परिक्रमा), इंदिरा सागर बांध (पुनासा )
नोट: नाव द्वारा मांधाता परिक्रमा माँ नर्मदा के जलस्तर पर निर्भर, राजघाट एवं कोटेश्वर (निसरपुर) के दर्शन सरदार सरोवर बांध के जलस्तर पर निर्भर । वर्षाकाल होने से कार्यक्रम में आंशिक परिवर्तन का अधिकार आयोजकों के पास सुरक्षित ।